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Kendriya Vidyalaya Bhagalpur: भागलपुर में खुलेगा केंद्रीय विद्यालय, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल कैंपस में मिली 5 एकड़ जमीन; गोराडीह में बनेगा स्टेडियम_我的网站

A | जागरण संवाददाता, भागलपुर। Kendriya Vidyalaya Bhagalpur जिले के विकास के लिए कई योजनाओं की घोषणा की गई है, जिन्हें अब धरातल पर उतारने की तैयारी की जा रही है। इसी क्रम में बुधवार को जिलाधिकारी डा. नवल किशोर चौधरी ने गोराडीह अंचल में विभिन्न सरकारी जमीनों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय के छात्रावास भवन, प्रखंड सह अंचल कार्यालय गोराडीह, प्रमंडलीय खेल स्टेडियम और गोराडीह अंचल में पावर सब स्टेशन के पास इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए जमीन का मुआयना किया। इन सभी परियोजनाओं के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसे सरकार को भेजा जाएगा।,जगदीशपुर अंचल के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल परिसर में पांच एकड़ जमीन पर केंद्रीय विद्यालय का निर्माण किया जाएगा। इस विद्यालय के लिए लंबे समय से जमीन की तलाश की जा रही थी, लेकिन अब यह बाधा समाप्त हो गई है। इसके अलावा, पीएचएचडी के गोदाम के पास सुपर स्पेशियलिटी के चिकित्सकों के लिए आवासीय भवन बनाने के लिए भी जमीन देखी गई है। इससे स्वास्थ्य कर्मियों को आवास की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में 353 स्वास्थ्य कर्मी कार्यरत हैं। इनके लिए आवासीय परिसर का निर्माण किया जाएगा। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, अपर समाहर्ता दिनेश राम, अपर समाहर्ता विधि व्यवस्था महेश्वर प्रसाद सिंह और संबंधित अंचलाधिकारी भी उपस्थित थे।,
विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने की तैयारी
- डीएम ने गोराडीह एवं जगदीशपुर में देखी जमीन, सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव
- सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की पांच एकड़ जमीन पर बनेगा केंद्रीय विद्यालय
- अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय के छात्रावास भवन के लिए गोराडीह अंचल का चयन
- गोराडीह अंचल के पावर सब स्टेशन के पास औद्योगिक कॉरिडोर का होगा निर्माण
- पीएचएसडी गोदाम के पास सुपर स्पेशियलिटी के चिकित्सकों के लिए बनेगा आवास
- 20 एकड़ जमीन पर बनेगा प्रमंडल स्तरीय स्टेडियम
- 15 खेलों की सुविधाएं, इनमें फुटबॉल, क्रिकेट और स्वीमिंग शामिल
आधुनिक स्टेडियम बनाने की तैयारी
भागलपुर में अब आधुनिक स्टेडियम बनाने की योजना भी शुरू हो गई है। इसके लिए लगभग 20 एकड़ जमीन की तलाश अंतिम चरण में है। यह स्टेडियम भागलपुर प्रमंडल का एकमात्र खेल परिसर होगा, जहां सभी प्रकार के आउटडोर और इनडोर खेलों की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। जिला प्रशासन ने जमीन चयन की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। गोराडीह में डीएम ने स्टेडियम निर्माण के लिए स्थल निरीक्षण किया है और अंचल अधिकारी को प्रस्ताव उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।,स्टेडियम में खिलाड़ियों के रहने के लिए हॉस्टल, अभ्यास और प्रतियोगिताओं की विशेष व्यवस्था की जाएगी। राष्ट्रीय स्तर के इस स्टेडियम में फुटबॉल, क्रिकेट, कबड्डी, खो-खो, बास्केटबॉल, बॉक्सिंग, शूटिंग, बैडमिंटन, लान टेनिस, वॉलीबॉल, भारोत्तोलन, मार्शल आर्ट, स्वीमिंग समेत 15 खेलों की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने के लिए विशेषज्ञ कोच भी उपलब्ध कराए जाएंगे।,स्टेडियम के निर्माण से जिले में खेलों की बड़ी प्रतियोगिताओं का आयोजन संभव होगा, जिससे न केवल स्थानीय खिलाड़ियों को पहचान मिलेगी, बल्कि जिले की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। प्रतियोगिताओं में भाग लेने और मैच देखने के लिए देशभर से खिलाड़ी और दर्शक यहां आएंगे, जिससे होटल, परिवहन, खान-पान और खेल सामग्री के कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।。
डॉ. प्रणेश, साहिबगंज। लंबे इंतजार के बाद मिर्जाचौकी–फरक्का फोरलेन परियोजना अब रफ्तार पकड़ने जा रही है। सितंबर के अंत या अक्टूबर की शुरुआत में फेज-2 का काम शुरू होगा। इस चरण में 25 किलोमीटर सड़क बनेगी। सड़क दो हिस्सों में होगी- मिर्जाचौकी से शोभनपुर गंगा प्रसाद मौजा तक 11 किमी और केलाबाड़ी से फरक्का तक 14 किमी। इसकी लागत 818.29 करोड़ रुपये है। ठेका डीसीसी इंफ्रा प्रोजेक्ट को मिला है और लक्ष्य है कि यह काम 2027 के अंत तक पूरा हो। ,
साहिबगंज–मनिहारी गंगा पुल का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। दो हज़ार करोड़ की लागत से बन रहा यह पुल दिसंबर 2026 तक तैयार होगा। इसके बन जाने के बाद साहिबगंज और मनिहारी के बीच संपर्क आसान हो जाएगा। ,
फोरलेन परियोजना के तीसरे चरण की योजना भी तैयार है। अंबाडीहा से बांसकोला तक 14 किलोमीटर सड़क का निर्माण होना है। इसमें 1.5 किमी लंबा सुरंग भी शामिल होगा। इसका डीपीआर तैयार किया जा रहा है और अप्रैल 2026 में टेंडर होने की संभावना है। ,
फेज-1 का काम लगभग पूरा हो चुका है। बांसकोला से केलाबाड़ी तक 43 किमी सड़क का निर्माण फरवरी 2026 तक हर हाल में पूरा करने का निर्देश है। देरी होने पर कंपनी पर जुर्माना भी लगाया गया है। महाराजपुर और बेगमपुरा में आरओबी के कारण निर्माण रुका है, जबकि उधवा और राजमहल में बाइपास और सड़क किनारे पौधरोपण का काम तेजी से चल रहा है। ,
परियोजना पूरी होने के बाद संताल परगना की तस्वीर बदल जाएगी। साहिबगंज से सिलिगुड़ी सिर्फ चार घंटे में पहुंचना संभव होगा। फरक्का महज दो घंटे की दूरी पर रह जाएगा। नेपाल और भूटान तक सड़क संपर्क आसान हो जाएगा। ,
साथ ही कटिहार, पूर्णिया और किशनगंज जैसे सीमावर्ती जिलों से कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी। सिर्फ दूरिया ही नहीं घटेंगी, चीन-बांग्लादेश पर भी नजर रखना आसान हो जाएगा। यह वही सड़क है जिसे पहले एनएच-80 कहा जाता था। अब इसे एनएच-33 नाम दिया गया है। वर्षों तक उपेक्षित रहने के बाद 2019 में केंद्र सरकार ने इसके निर्माण को मंजूरी दी। 31 दिसंबर 2021 को फेज-1 का काम शुरू हुआ। ,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2017 में साहिबगंज-मनिहारी गंगा पुल का शिलान्यास किया था। नवंबर 2020 में पुल निर्माण शुरू हुआ, लेकिन यास चक्रवात से दो पिलर टेढ़े हो जाने के कारण काम में विलंब हुआ। कहीं-कहीं तो एनएच की चौड़ाई काफी कम है। ,
मिर्जाचौकी–फरक्का फोरलेन के फेज-2 का काम सितंबर-अक्टूबर में शुरू होगा। 818 करोड़ की लागत से 25 किमी सड़क बनेगी। फेज-3 के लिए डीपीआर जारी है। फोरलेन और गंगा पुल समय पर पूरे होंगे। - शरद कुमार सिंह, परियोजना निदेशक, एनएचएआइ, साहिबगंज
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Published on:08:41:55